ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक चेतावनी, बोले- समझौता नहीं किया तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
यूक्रेन को दी गई अरबों डॉलर की मदद पर भड़के ट्रंप
वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर दबाव बढ़ा दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि यूक्रेन को युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत और समझौते की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जेलेंस्की समझौते के लिए तैयार नहीं होते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है और युद्ध के दौरान यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुकी है।
यूक्रेन को खुद दिखानी होगी युद्ध खत्म करने की इच्छा
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त करने की पहल के लिए यूक्रेन को अपनी इच्छा स्पष्ट करनी होगी। उनके मुताबिक, जेलेंस्की को यह तय करना होगा कि वह संघर्ष खत्म करने के लिए तैयार हैं या नहीं। ट्रंप ने आगाह किया कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया, तो इसका अंजाम बेहद खराब हो सकता है।
अमेरिकी सहायता को लेकर ट्रंप ने जताई नाराजगी
ट्रंप ने यूक्रेन को दी गई अमेरिकी आर्थिक सहायता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछले कुछ वर्षों में यूक्रेन को अरबों डॉलर की मदद दी है, लेकिन इसके बदले देश को कोई खास लाभ नहीं मिला। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी करदाता अब इस भारी खर्च से परेशान हो चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि यूक्रेन को दी गई सहायता की राशि सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद अमेरिका को कुछ हासिल नहीं हुआ है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन की रणनीति और सहायता जारी रखने के मुद्दे पर बहस बनी हुई है।
रूस की सैन्य बढ़त का हवाला देकर किया दावा
रूस की सैन्य स्थिति का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूसी सेना युद्ध के मैदान में लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने रूस की सैन्य क्षमता और उसके पास उपलब्ध बड़ी संख्या में सैनिकों का हवाला देते हुए दावा किया कि यूक्रेन के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं।
ट्रंप ने कहा कि रूस के कब्जे वाले क्षेत्र का दायरा बढ़ रहा है और उसकी सेना हर सप्ताह आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस समझौते के लिए तैयार है, ऐसे में यूक्रेन को भी बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
पुतिन और जिनपिंग के साथ बैठक करने के इच्छुक ट्रंप
ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय बैठक करने की इच्छा भी जताई है। उनका कहना है कि ऐसी बैठक के जरिए यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और दुनिया में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।
ट्रंप के मुताबिक, नवंबर में प्रस्तावित चीन यात्रा के दौरान परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में ठोस प्रगति होती है, तो यह पूरी दुनिया के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। हालांकि, पुतिन और जिनपिंग के साथ इस तरह की त्रिपक्षीय बैठक अभी औपचारिक रूप से तय नहीं हुई है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि युद्ध समाप्त करने के लिए होने वाली बातचीत में जेलेंस्की की मौजूदगी अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि संघर्ष खत्म करने के लिए वह हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं, भले ही बातचीत में सभी पक्ष शामिल हों या नहीं।
जेलेंस्की के बयान पर भी ट्रंप ने साधा निशाना
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की ओर से अमेरिकी प्रशासन को इतिहास के गलत पक्ष में खड़ा बताने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की को काफी पहले ही युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम उठा लेने चाहिए थे। ट्रंप का दावा है कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति ने उनकी सलाह मानी होती, तो पहले ही बेहतर समझौता हो सकता था।
ट्रंप ने युद्ध में हुई भारी जनहानि का जिक्र करते हुए यूक्रेन को बातचीत के लिए नया दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। इस बीच, रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से रूसी समाचार एजेंसी तास ने बताया कि ट्रंप और पुतिन की चीन में प्रस्तावित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन के दौरान आमने-सामने मुलाकात हो सकती है। हालांकि, इस संभावित मुलाकात को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।

