उत्तराखंड

देहरादून में 22 मार्च को होगा ऐतिहासिक श्री झण्डे जी मेले का आयोजन, तैयारियां पूरी

देहरादून। इस बार ऐतिहासिक श्री झण्डे जी मेले का आयोजन 22 मार्च को होगा।कोविड महामारी नियंत्रित होने के बाद इस बार विदेशी श्रद्धालुओं के देहरादून आने की उम्मीद है।इसके साथ ही मेला क्षेत्र में इस बार दुकानें भी सजेंगी।

विदेशी संगत भी पहुंचेंगी देहरादून

केसी जुयाल ने जानकारी दी कि इस साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से संगतों के पहुंचने की सम्भावना है।मेले के दौरान होने वाली प्रमुख गतिविधियों व उनके संचालन को लेकर चर्चा की गई. मेले के सफल संचालन हेतु 50 समितियों का गठन किया गया. मेला समिति के पदाधिकारियों को पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग करने व मेले में आने वाले श्रद्धालुओं व संगतों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. इससे पूर्व भी मेला प्रबन्ध समिति की दो महत्वपूर्णं बैठकें आयेाजित की जा चुकी हैं।

इसलिए मनाया जाता है श्री झण्डे जी मेला

श्री गुरु राम राय महाराज की जयंती पर हर साल श्री दरबार साहिब देहरादून में श्री झंडे जी मेले का आयोजन किया जाता है. गुरु राम राय महाराज सातवीं पातशाही (सिक्खों के सातवें गुरु) श्री गुरु हर राय के पुत्र थे. श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म पंजाब के कीरतपुर (जिला होशियारपुर) में वर्ष 1646 में होली के पांचवें दिन चैत्रवदी पंचमी पर हुआ था. तब से हर साल संगतों द्वारा देहरादून में होली के पांचवें दिन (चैत्रवदी पंचमी) ऐतिहासिक श्री झंडे जी मेले का आयोजन किया जाता है.

श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था

देश-विदेश से आने वाली संगतों के लिए एसजीआरआर पब्लिक स्कूल की विभिन्न शाखाओं रेसकोर्स, बिंदाल, राजा रोड, तालाब व बॉम्बे बाग में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. शहर की प्रमुख धर्मशालाओं व होटलों के संचालकों से सम्पर्क कर मेला आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं व संगतों के ठहरने हेतु आवश्यक व्यवस्था बनाई है. इस वर्ष मेला आयोजन के दौरान 8 बड़े लंगर व 4 छोटे लंगरों की विशेष व्यवस्था की गई है।

श्री झण्डे जी मेले का पूरा कार्यक्रम

12 मार्च को श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि सुबोध उनियाल पंजाब की पैदल संगत के लिए पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का हुकुमनामा लेकर जाएंगे. 14 मार्च को अराइंयावाला में श्री झण्डे जी का आरोहरण किया जाएगा।

15 मार्च को पैदल संगतों का जत्था सहसपुर पहुंचेगा. श्री दरबार साहिब मेला आयोजन समिति की ओर से संगतों का सहसपुर में स्वागत किया जाएगा।

16 मार्च को पैदल संगत कांवली होते हुए श्री दरबार साहिब पहुंचेगी. श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में दर्शनी गेट पर परंपरानुसार पैदल संगत का भव्य स्वागत किया जाएगा. संगतों के श्री दरबार साहिब पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. 19 मार्च को श्री झण्डे जी के आरोहण के लिए तैयार किए गए ध्वजदण्ड को एसजीआरआर बॉम्बे बाग स्कूल से श्री दरबार साहिब तक लाया जाएगा. इसी दिन गिलाफ सिलाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा।

22 मार्च को होगा झंडे जी का आरोहण

21 मार्च की शाम को परंपरा के अनुसार पूर्व से आई संगतों की विदाई होगी। 22 मार्च को सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच श्री झण्डे जी को उतराने का कार्यक्रम होगा. सेवकों व संगतों द्वारा श्री झण्डे जी को दही, घी, गंगाजल, एवं पंचगब्यों से स्नान करवाया जाएगा. सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी द्वारा संगतों को दर्शन दिए जाएंगे व गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. शाम 3 बजे से 4 बजे के बीच श्री झण्डे जी का आरोहण किया जाएगा. 24 मार्च को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा होगी. 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के दिन श्री झण्डे जी मेला सम्पन्न हो जाएगा।

ऐतिहासिक श्री झण्डे जी मेले के आयोजन की तैयारियों को लेकर देहरादून में श्री दरबार साहिब प्रबन्धन की बैठक आयोजित हुई. बैठक में फैसला लिया गया कि 22 मार्च को ऐतिहासिक श्री झण्डे जी का आरोहण होगा. 22 मार्च को श्री झण्डे जी के आरोहण के साथ ही ऐतिहासिक पवित्र मेले का शुभारंभ हो जाएगा. श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की ओर से मेला आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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