उत्तराखंड

देहरादून में भाजपा का वोट बैंक कही जाने वाली इस कालोनी के लोगों ने कहा “सड़क नहीं तो वोट नहीं“

पूर्व सीएम निशंक के समय बनी थी सड़क वर्तमान में पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र हैं विधायक, भाजपा-कांग्रेस की आपसी सियासत में आये दिन जख्मी हो रहे हैं लोग, डॉ जोशी बोले काश लोगों की बीमारियों के साथ गड्डों वाली सड़कों का भी इलाज कर पाते ?

देहरादून। “सड़क नहीं तो वोट नहीं“ ये पहाड़ के किसी गांव के लोगों का कहना नहीं है। यह आवाज है देहरादून की विधानसभा से महज 1 किलोमीटर दूर वीआईपी कही जाने वाली आर.के पुरम कालोनीवासियों की। जोगीवाला चौक की बद्रीपुर रोड़ पर स्थित आर.के.पुरम कालोनी की सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। सड़क में जगह-जगह गड्डे ही गड़डे हो चुके हैं। खस्ताहाल सड़क से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। इन गड्डों के कारण कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं। सड़क निर्माण को लेकर लोग स्थानीय लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों, पार्षद कपिल थापा से लेकर क्षेत्र के विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के दरबार में भी गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। चारों तरफ से निराश लोगों ने शनिवार को कालोनी में बैठक कर एक सूत्रीय प्रस्ताव पारित कर “सड़क नहीं तो वोट नहीं“ की बात कही।

डॉ एसडी जोशी बोले दुःख होता है जनप्रतिनिधों का रवैया देखकर
जाने-माने डॉक्टर एसडी जोशी भी इसी आर.के.पुरम कालोनी में रहते हैं। सड़क की दुर्दशा से चितिंत डॉक्टर जोशी कहते हैं कि व्यक्तिगत स्तर से उन्होंने देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, स्थानीय विधायक त्रिवेन्द्र सिंह रावत, स्थानीय पार्षद कपिल थापा, लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों से बात की लेकिन कोई हल नहीं निकला। हर तरफ से सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। स्थानीय कांग्रेसी पार्षद कपिल थापा तो यहां तक कहते हैं कि यह कालोनी भाजपा का वोट बैंक है इस सड़क का निर्माण भाजपा सरकार करवायेगी। इसका साफ सा मतलब है कि वह इस सड़क का निर्माण नहीं करवायेंगे। जनप्रतिनिधियों के इस रवैये से नाराज डॉ जोशी कहते हैं कि विधानसभा से 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित कालोनी की सड़क की कोई सुध लेने को तैयार नहीं है जिसमें प्रतिष्ठित लोग रहते हैं तो पहाड़ के सड़कों की हालत क्या होगी ? काश वह लोगों की बीमारियों के साथ इन गड्डों वाली सड़कों का भी इलाज कर पाते ?

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के दरबार में भी नहीं हुई सुनवाई
डॉ एसडी जोशी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक जब डोईवाला के विधायक थे तब इस सड़क का निर्माण हुआ था। उसके बाद से इस सड़क की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। महज 300 मीटर सड़क के निर्माण को लेकर जनप्रतिधियों के पास 300 बहाने हैं। कभी बजट नही तो कभी अभी बरसात है उसके बना देंगे। उन्होंने कहा बड़ा दुख होता है कि वह लोगों की बीमारियों का इलाज तो कर देते हैं लेकिन अपनी कालोनी की सड़क का इलाज नहीं करा पा रहे हैं। कालोनीवासियों की “सड़क नहीं तो वोट नहीं“ की बात का वह भी समर्थन करते हैं।

अभी तक कई लोग हो चुके हैं चोटिल
वहीं आर.के.पुरम कालोनी के संरक्षक केशर सिंह का कहना है कि उनकी कालोनी डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत आती है। कालोनी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 12 सितंबर को अपने क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से उनके आवास पर इस बावत गुहार लगा चुका है, किंतु दो महीने बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में सदस्यों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के वक्त जनप्रतिनिधि लम्बे चौड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं। बैठक में महिला सदस्यों ने एक सुर में कहा कि चुनाव के वक्त जवाब मांगा जायेगा। आये दिन वृद्ध लोग और बच्चे इन गढ्डों की वजह से चोटिल हो रहे हैं।

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